वीडियो के अनुशार मा वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का CEO एक ऐस व्यक्ति है जो जूते चप्पल निकालने के डर से धार्मिक कार्यों में जाना पसंद नहीं करते... इस सोच को देखने के बाद समझ आ रहा है के श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज में मुस्लिमों की बड़ी संख्या क्यों थी..?
ऐसे लोगों को इतने बड़े पदों पर बिठाकर क्या हमारे धर्म का नाश करना चाहते है लोग? ऐसे लोगों का विरोध होना चाहिए और हिंदू समाज को , संगठनों को संज्ञान लेना चाहिए कि हिंदू संस्थानों, तीर्थों आदि में जिम्मेदारी किसे दी जा रही है

