देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वैश्विक स्थितियों को समझते हुये राष्ट्र के उज्जवल भविष्य कि कामना करते हुये रासगत्रप्रेमियों से माहत्वपूर्ण अपील कि है.. उन्होने कहा
🛑 वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग को प्राथमिकता दी जाए।
🛑 खाने में तेल के प्रयोग को भी कम करें इससे सह सेवा और देह सेवा दोनों होगी
🛑 गैर जरुरी सोना खरीदने से बचे
🛑 ईंधन (petrol, डीज़ल , गैस ) का प्रयोग संयम से करें
🛑 घरेलु अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु किसी भी प्रकार के विदेशी ट्रिप को छोड़े भारत के भीतर भ्रमण करने का निवेदन किया
🛑 किसानों से रासयानो का कम प्रयोग कर प्राकृतिक खेती अपनाने कि अपील कि
ईरान अमेरिका इसराइल युद्ध के परिणामस्वप पूरे विश्व में आर्थिक स्थिति ख़राब हुयी है ऐसे में स्थिति को समझते हुये हमारे प्रधानमंत्री जी ने हमसे अपील कि है तो हमें उन बातों पर ध्यान देना चाहिए, वैसे ये सभी अपील सीधे सीधे हमारे फायदे कि ही हैँ, और बड़े लेवल पर राष्ट्र को इसे बड़ा लाभ हो सकता है... समझते हैँ अपील को विस्तार से
गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचें
पीएम मोदी ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी दैनिक आदतों में बदलाव लाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दें। उन्होंने लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया, ताकि विदेशी मुद्रा के अनावश्यक बहिर्वाह को रोका जा सके। साथ ही, उन्होंने पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि तेल की बचत से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
ईंधन की खपत कम करने के दिए सुझाव
पीएम मोदी ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। निजी वाहनों के इस्तेमाल के दौरान कार-पूलिंग अपनाएं। माल ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दें। प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए कार्यकुशल उपायों को दोबारा लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वर्क-फ्रॉम-होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल बैठकों जैसी व्यवस्थाएं न केवल समय और संसाधनों की बचत करती हैं, बल्कि ईंधन की खपत भी कम करती हैं।
घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की बात
उन्होंने लोगों कों से अनावश्यक विदेश यात्राओं, विदेशों में छुट्टियां मनाने और विदेश में आयोजित होने वाले समारोहों से बचने की अपील की। इसके बजाय देश के भीतर पर्यटन और उत्सव मनाने को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं, जैसे जूते, बैग और अन्य सामान, के लिए स्थानीय और ‘मेड-इन-इंडिया’ उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल देश में रोजगार बढ़ेगा, बल्कि विदेशी आयात पर निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने लोगों से खाने के तेल की खपत कम करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य को भी लाभ होगा।
प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील
पीएम मोदी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को 50 प्रतिशत तक कम करने और प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही, उन्होंने कृषि क्षेत्र में डीजल पंपों की जगह सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों को अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के जरिए देश न केवल मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का सामना कर पाएगा, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर नागरिक की छोटी-छोटी पहल देश को बड़ी ताकत दे सकती है। (इनपुट एजेंसी)

