हस्साम अहमद ने जालसाजी के लिए बाकायदा एक नेटवर्क तैयार किया था. उसने हिंदू पैरामेडिकल स्टाफ और छात्राओं को ईमेल और डाक के जरिए दिल्ली एम्स में होने वाली इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का न्योता दिया|आरोपी ने छात्राओं को यकीन दिलाया कि उनका चयन इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए हुआ है. पूछताछ में सामने आया कि वह छात्राओं को प्रभावित करने के लिए केजीएमयू के प्रवक्ता की डीपी का इस्तेमाल करता था|
यह गिरोह विशेष रूप से हिंदू छात्राओं को टारगेट कर रहा था. आरोपी उन्हें सामाजिक सेवा के नाम पर प्रभावित करता और फिर मुस्लिम बहुल इलाकों के कैंपों में बुलाता था|
पुलिस कार्रवाई
लखनऊ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी (cheating and forgery) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस उसके मोबाइल फोन से मिले संदिग्ध दस्तावेजों और अन्य संभावित संपर्कों की गहन जांच कर रही है।

