न्यायाधीश ने नगर निगम और पुलिस को तुरंत जाँच प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
• अदालत के आदेश:
- स्टॉल मालिकों, सहायकों और कर्मचारियों की पहचान की जाँच
- इस प्रक्रिया की ज़िम्मेदारी नगर निगम और पुलिस की होगी
- जाँच में उन लोगों को भी शामिल किया जाएगा जिन पर बांग्लादेशी नागरिक होने या बिना दस्तावेज़ वाले विदेशी नागरिकों होने का संदेह है। अदालत ने कहा कि जाँच बिना किसी देरी के की जानी चाहिए। अवैध विक्रेताओं पर कड़ी नज़र।
सवाल ये उठता है कि क्या ये सब काम भी प्रशासन तब करेगा जब कोर्ट आदेश देगा? क्या प्रशासन को घुसपैठियों पर स्वतः संज्ञान नहीं लेना चाहिए? देश को जनता को भी ऐसे मामलों में जागरूक होना चाहिए और घुसपैठियों को पहचान उनकी शिकायत करनी चाहिए। अंजान फेरीवालों, भागरवालों आदि को अपने क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने देना चाहिए

