कट्टरपंथियों पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता।वे मोदी और उनकी सरकार पर हमला करने का कोई न कोई तरीका ढूंढ ही लेंगे। सरकार ने ईरान छोड़ने के लिए एक बार नहीं बल्कि तीन बार सलाह जारी की, लेकिन मुसलमान होने के नाते उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।अब वे रो रहे हैं कि भारतीय दूतावास मदद नहीं कर रहा है!
जाकर रहेंगे इस्लामिक मुल्कों में , प्रदर्शन करेंगे इस्लामिक मुल्कों के लिए लेकिन सुविधाएं और सुरक्षा सब चाहिए सरकार से और तो और सरकार को बात नहीं मान कर कहीं फंसेंगे तो भी दोषी सरकार को ही ठहराएंगे ऐसे जो लोगों को अहसान फरामोश कहा जाता है। इस कट्टरपंथी इ&लाम परस्त मानसिकता से सावधान ही रहा जाए तो उत्तम
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