आयशा की एक 15 वर्षीय हिंदू लड़की से दोस्ती थी। वह अक्सर उसके घर जाया करती थी।आयशा ने उस हिंदू लड़की का परिचय आरिफ से कराया और आरिफ भी उनके घर आने-जाने लगा।उस हिंदू लड़की के परिवार के अनुसार, आरिफ, आयशा और वह हिंदू लड़की भाई-बहन की तरह थे।आरिफ उस नाबालिग हिंदू लड़की को लेकर भाग गया और उसके परिवार को शादी की तस्वीर भेज दी।
काश इस बेटी के माता पिता को सेक्युलरिज्म की बीमारी न होती और ये लव जेहाद जैसे राक्षस को पहचानते तो एक नाबालिक बिटिया बर्बाद न होती।अपने परिवार को आयशा और आरिफ जैसे लोगों से बचाएं। उन पर भरोसा न करें। अपनी सुरक्षा के लिए उनसे दूर रहें। जेहाद केवल लड़के करते है ऐसा नहीं है, आरिफ का साथ आयशा भी बढ़ चढ़कर देती है

