"चलो तुम्हे अपना घर दिखा कर लाता हूँ" 65 साल का मोहम्मद इस्रायल 8 वर्षीया मासूम को ले गया साथ, बिटिया की चीखें सुन कर दौड़ी कानपुर की जागरूक जनता, दरिंदा सौंपा गया पुलिस को, पॉक्सो एक्ट में दर्ज हुआ केस, हाल ही में सारे रमज़ान रोजे के बाद मनाई थी ईद.
कैसी घटिया सोच होती है इन जेहादियों की, कितनी हैवानियत भरी होती है इनके दिमाग में के 65 साल का बुड्ढा एक छोटी सी 8 वर्ष की मासूम को भी नहीं छोड़ता। यही होता है जब छोटी उमर से ही इनके दिमाग में 72 हूरें आदि के सपने भर दिया जाते हैं। इस घटिया मानसिकता से सावधान रहें इनका कोई भरोसा नहीं

