प्रिंसिपल को तुरंत बर्खास्त किया जाये और सभी जगह ऐसे पदों पर अगर कोई विधर्मी बैठे है तो उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।... ऐसी मांग देश भर के हिंदुओं को हिंदू हित में उठानी चाहिए अन्यथा देश में ऐसा माहौल बन जाएगा मानो यहां कोई इस्लामिक शासन चल रहा हो
ऐसी घटनाएं देश को राजधानी में और वो भी PM के नाम पर बने शिक्षा संस्थानों में होना अपने आप में देश के संविधान और कानून पर सवाल खड़े करते है... क्या माननीय सुप्रीम कोर्ट, ग्रह मंत्री , प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति जी जवाब देंगे.. या बस अपराधी एक विशेष होने के कारण सब चुप रहेंगे.?

