देश का सर्वोच्च न्यायलय "सुप्रीम कोर्ट" भी यदि देश के बहुसंख्यक वर्ग "हिंदुओं" को आस्था का ऐसा घिलौना मजाक बना रहा है तो कैसे न्याय मिलेगा हिंदू समाज को..? BR gavai की ये ओछी हरकत हिंदुओं को आस्था का अपमान करने वालों को बल दे रही है...👇अब चुप ना बैठो हिंदुओं विरोध करो... पुरजोर विरोध
विचार करो यदि ऐसी ही बात इस गवाही ने किसी और मजहब या पंथ को लेकर की होती तो इसका किस प्रकार विरोध हुआ होता और इसे अपनी बातों को वापस अपने अंदर लेना पड़ता लेकिन हिंदू समाज इतना मरा हुआ है कि वह ऐसी घटिया हरकत पर भी इन लोगों का उस प्रकार विरोध नहीं कर पा रहा जैसा होना चाहिए..हिंदू संगठन भी बस राजनीति करने में व्यस्त हैं... शर्मनाक...

