भारत में कई चर्चों ने NGO को मिलने वाली विदेशी फंडिंग पर सरकार के नए FCRA नियमों के विरोध में प्रार्थना सभाएं कीं ,उनका कहना है कि इन नियमों में अल्पसंख्यकों को "विरोधी" माना गया है और इससे उनकी संपत्ति को खतरा है।😆 समझ लीजिए नियमों से डर किसे लग सकता है 👇देखिए क्या है नए नीय
मुख्य नए नियम:
सोशल मीडिया अकाउंट और पब्लिकेशन की जानकारी देना ज़रूरी
असली डोनर्स (पैसा देने वालों) की पूरी जानकारी देना
धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में धर्म परिवर्तन को साफ़ तौर पर बाहर रखना 👍
ज़्यादा सख़्त निगरानी और सज़ा_
सरकार का कहना है कि यह सब सिर्फ़ विदेशी पैसे के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए है, जिसका इस्तेमाल गैर-कानूनी धर्म परिवर्तन और दूसरी गतिविधियों के लिए किया जाता है 🎯
इस पर कुछ चर्च समूहों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

