उत्तराखंड के देहरादून में एक 'मेडिकल एंबेसडर' नाम का संगठन दिव्यांग बच्चों और गरीब परिवारों को धर्मांतरण के लिए उकसा रहा था।बाल अधिकार आयोग ने इस संगठन पर छापा मारा और पाया कि यह एक फर्जी शैक्षणिक संस्था है, जिसका कोई वास्तविक शिक्षण ढांचा नहीं है।
संदिग्ध दस्तावेजों, पोस्टरों और रजिस्टरों का ढेर जब्त किया गया। विदेशी फंडिंग की आशंका है और यह नेटवर्क अन्य राज्यों में भी चल रहा हो सकता है। जेहादी और मिशनरी हर प्रकार से कार्यरत है लेकिन हिंदुओं की स्थिति इतनी बुरी ही के वो कुछ समझना ही नहीं चाहते वो केवल लाइफ़ को एंजॉय करना चाहते है, अपने आप को आधुनिक दिखाना चाहते है... ऐसा ही रहा तो उनका भविष्य पूरी तरह नष्ट हो जाएगा..

